Hindi stories for kids with moral-बच्चों की कहानियां

जब हम छोटे थे तो हमरे मम्मी पापा हमें परियो की कहानी , दोस्ती की कहानी और बहुत सी अनोखी  हिंदी कहानिया सुनाते थे ! और इन कहनियो को सुनकर हमें बहुत अच्छी नींद आ जाती थी! इसके अलावा इन कहानियो का एक और महत्व था ये हमें शिक्षा देती थी और हमें आगे बढ़ने के प्रेणा देती थी!

आज भी हर घर में दादी माँ की कहानिया बच्चे सुनते है , और जो बच्चे सोने से पहले कहानिया सुनते है वो बच्चे शारीरिक मानसिक रूप से बहुत तेज होते है!

क्युकी पहले बच्चे सिर्फ कहानिया सुनते थे और किसी के घर में केबल और टीवी नहीं हुआ करता था!



Hindi stories for kids with moral-बच्चों की कहानियां

राम और शाम दो पक्के दोस्त - बच्चों की कहानियां 

बहुत पहले की बात है ! एक गांव में दो दोस्त रहते थे ! एक का नाम था रामु और दूसरे का नाम था शाम ! दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती थी दोनों हमेशा एक दूसरे का ख्याल रखते थे ! सभी गांव वाले सिर्फ एक बात कहते थे की दोस्ती हो तो रामु और शाम जैसी !

रामु थोड़ा अलसी था हमेशा सोना ज्यादा  पसंद करता था और शयाम हमेशा काम करता और और पैसो को अपने परिवार के लिए बचाता था!

रामु को घूमना फिरना और मौज मस्ती करना बहुत पसंद था ! एक दिन शयाम काम से घर की और लौट रहा था और अचानक उसे रामु दीख गया!

उसने रामु से पूछा यार में भी काम करते करते थक गया हु सोच रहा था यार थोड़ा काम से ब्रेक ले लू ,रामु ने ये बात सुनते हे शाम से कहा चलो यार में भी कई दिन से सोच रहा था हमें कही घूमने जरूर जाना चाहिए!

शाम ने कहा चलो रामु अगले हफ्ते हम लोग जंगल में घूमने चलते है ! सुना है वहा एक नदी है और उस नदी में नहाने से दिमाग तेज हो जाता है !फिर क्या था रामु और शाम जंगल की और निकल गए! जंगल का रास्ता बहुत कठिन था और जंगल बहुत घना था !और वहा तरह तरह के आवाज आ रही थी जो वो सब आवाज जानवरो की थी !


रामु और शाम जंगल में बहुत अंदर तक चले गए और देखते ही देखते जंगल में रात हो गई ! रामू चलते चलते जंगल में थक गया और शाम से कहने लगा कि रुक जाते हैं और जंगल में थोड़ा आराम कर लेते हैंअभी तो नदी बहुत दूर है!

श्याम ने कहा जैसी तुम्हारी इच्छा दोस्त दोनों एक अच्छी सी जगह जंगल में तलाश करने लगे जहां उन्हें रात को सोने की जगह मिल जाए श्याम ने देखा एक झाड़ी के पीछे छोटी सी गुफा थी वह दोनों गुफा की ओर गए उन्होंने गुफा के अंदर एक पत्थर फेंका कि कहीं वहां पर कोई जानवर तो नहीं है !
उन्होंने देखा वहां पर कोई जानवर नहीं था वह दोनों उस गुफा के अंदर सो गए रात बीती गई रामू को रात को जोर से भूख लगने लगी !

उसने कहा शाम बहुत भूख लगी है चलो खाना खाते हैं दोनों ने रात को अपना टिफन खोल कर वहां पर खाना स्टार्ट कर दिया और खाना खा लिया सुबह होते ही दोनों अपनी मंजिल की तरफ दोबारा चलने लगे !


दोनों ने जंगल की और दोबारा चलना शुरू ही किया था !दोनों ने जंगल में दोबारा चलना शुरू ही किया था कि अचानक उनके सामने एक भालू आ जाता है रामू बहुत आलसी होता है और कभी काम नहीं करने के कारण वह भाग नहीं पता !शाम जोर से भाग जाता है भालू  को देखकर पेड़ पर चढ़ जाता है और रामू बचाओ बचाओ जोर-जोर  से चिल्लाता है ! शाम उसे कहता है कि अपनी सांसे बंद कर के मरने की एक्टिंग करो भालू तुम नहीं खायगा!

रामू ऐसा ही करता है वह मरने की एक्टिंग करने लगता है पर फिर भी उसे वह भालू खा जाता है! शाम पेड़ से देखता रहता है और बहुत जोर-जोर से चिल्लाता है कि बचाओ बचाओ मेरे दोस्त को भालू खा रहा है! पर वहां उसकी आवाज कोई नहीं सुनता थोड़ी देर में वहां से भालू चला जाता है और शाम पेड़ से नीचे उतर कर देखता है उसका दोस्त अब इस दुनिया में नहीं रहा ! शाम को बहुत अफसोस होता है कि वह रामू की जान नहीं बचा सका!


Moral Of The Story-इसलिए कहते हैं आलसी होना अच्छा नहीं हमेशा काम करना चाहिए ताकि हमारा शरीर चुस्त और दुरुस्त रहे !

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